जिले में शुरू हुई Sampada 2.0, नहीं हो पाएगी जमीन की फर्जी रजिस्ट्री, मिनटों में मोबाइल पर आएगी डिटेल्स
Sampada 2: सिंगरौली। जमीन की रजिस्ट्रियो में होने वाले फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने और बगैर किसी रुकावट एवं परेशानी के लोगों की रजिस्ट्रियां हो सके, इसके लिए जिले में संपदा 2.0 व्यवस्था लागू की गई है। नई व्यवस्था संपदा 2.0 से जिले में जमीनों की रजिस्ट्रियां होने लगी हैं जिसके तहत लोगों को चंद मिनटों में उनके मोबाइल में रजिस्ट्री पहुंच जाएगी। अब रजिस्ट्री के लिए आवेदक को सर्विस प्रोवाइडर और पंजीयक कार्यालय के चक्कर लगाने नही पडेंगे। इससे रजिस्ट्री करवाने में लगने वाला समय भी बचेगा।
जमीन की फर्जी रजिस्ट्री रुकेगी
रजिस्ट्रार ने एमपी फर्स्ट के रिपोर्टर से बातचीत में बताया कि नई व्यवस्था Sampada 2 लागू होने से जमीनों की फर्जी रजिस्ट्री पर रोक लगेगी। इससे विभाग का काम भी पेपरलेस हो गया है यानि सब कुछ डिजीटल उपलब्ध रहेगा। संपदा 2.0 के कई अन्य फायदे भी हैं। अब जमीन के फर्जी रिकॉर्ड लगाकर कोई भी व्यक्ति जमीन की रजिस्ट्री नही करा सकता है क्योंकि पोर्टल फर्जी दस्तावेज को एक्सेप्ट ही नही करेगा। संपदा 2.0 दस्तावेजों की पहचान के लिए आधार नंबर और पैन नंबर का उपयोग करेगा जिनसे सही पहचान होगी। इन्हीं दस्तावेज से क्रेता की भी पहचान होगी। सबसे बड़ी बात, अभी जिस रजिस्ट्री को कराने में लोगों को घंटों का समय और मेहनत लगती थी, वह अब चंद मिनटों में ही हो जाया करेगी।
क्या है Sampada 2.0
यह वास्तव में एक सॉफ्टवेयर है जिसके जरिए विभिन्न विभागों को लिंक किया गया है। इस व्यवस्था के जरिए घर बैठे दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकेगा। राज्य में इस व्यवस्था को सबसे पहले गुना, हरदा, रतलाम और डिंडोरी जिले में लागू किया गया था। एक नवंबर से इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा। संपदा 2 के प्रयोग से सरकारी कामों में लगने वाला समय भी बचेगा और भ्रष्टाचार पर भी रोक लगाई जा सकेगी।
ऐसे करवा सकेंगे रजिस्ट्रेशन
संपदा 2.0 के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने हेतु आधार कार्ड और e-KYC की जरूरत होगी। इन दोनों डॉक्यूमेट्स के जरिए लोगों की बॉयोमेट्रिक पहचान और दूसरे दस्तावेज तैयार होंगे जिन्हें वेरिफाई करवाना होगा। सभी चीजें एक बार वेरिफाई होने के बाद लोग इस व्यवस्था के जरिए सभी सरकारी काम एक क्लिक पर घर बैठे करवा सकेंगे।
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