Diwali 2024: कैदियों के बनाए दीपक से रोशन होगा सेंट्रल जेल, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों का होगा पूजन

Diwali 2024: जबलपुर। जिले के नेताजी सुभाष चंद्र बोस सेंट्रल जेल दीपावली पर दियों की रोशनी से जगमग होगा। दीपावली पर मां लक्ष्मी और गणेश का पूजन किया जायेगा।
diwali 2024  कैदियों के बनाए दीपक से रोशन होगा सेंट्रल जेल  लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों का होगा पूजन

Diwali 2024: जबलपुर। जिले के नेताजी सुभाष चंद्र बोस सेंट्रल जेल दीपावली पर दियों की रोशनी से जगमग होगा। इसके साथ ही दीपावली पर मां लक्ष्मी और गणेश की प्रतिमाओं से जेल की चार दीवारी में पूजन भी किया जायेगा। जेल में ये सब होगा कैदियों द्वारा खुद तैयार किए जा रहे दियों और मूर्ति से। जी हां जिन हाथों ने कभी हत्या, लूट, मारपीट जैसे संगीन अपराधों को अंजाम दिया। अब उन्हीं हाथों से दीपावली में जेल की बैरकें और हर एक कोना रोशनी से जगमगाएगा।

बंदियों ने बनाए आकर्षक लक्ष्मी-गणेश एवं दिये

नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल के उपजेल अधीक्षक मदन कमलेश के मुताबिक जेल में हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी हो या फिर दीगर किसी गुनाह के कारण सलाखों में कैद हुए बंदी, हर कोई दीपावली (Diwali 2024) की तैयारियों में जुटा है। जेल में बंदी गुनाहों से तौबा कर जिंदगी में नई खुशियों को गढ़ते हुए दीपावली के दिये बनाने में जुटे हैं। सौ-पचास नहीं बल्कि जेल में बंदी हजारों की संख्या में मिट्टी के दिये बना रहे हैं। इससे जेल दीपावली पर जगमग हो सके। इसके अलावा बंदियों ने पूजन के लिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्तिया भी तैयार की हैं और इन्हें खूबसूरत रंगों से सजाया है।

कैदियों में सृजनात्मकता के साथ बिक्री से मुनाफा

नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल में जेल प्रशासन द्वारा हर साल बंदियों के सृजनात्मक विकास को बढ़ावा देता है। इसके तहत दीपावली पर दिये और लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति बनाने के लिए कैदियों को कच्चा माल उपलब्ध कराया जाता है। जेल अधिकारियों का मानना है कि जेल की चार दीवारी में बंदी अपने गुनाहों से तौबा करने का संकल्प लेने के साथ-साथ दुर्गोत्सव, गणेशोत्सव और दीपावली (Diwali 2024) पर दिये एवं मूर्तियां बनाते हैं। इससे न केवल उनके अस्थिर मन को शांति मिलती है बल्कि वह अपने सृजनात्मक, रचनात्मक कार्यों से तैयार उत्पाद को बेचकर मुनाफा भी कमाते हैं।

कई दिनों से चल रही तैयारी

उप जेल अधीक्षक मदन कमलेश का कहना है कि सेंट्रल जेल में दीपावली की तैयारियां कई सप्ताह पहले शुरू हो जाती है। कैदी खुद मिट्टी गूथकर हजारों की संख्या में दीपक, लक्ष्मी- गणेश की मूर्तियां बनाते हैं। उनमें आकर्षक रंग-रोगन भी करते हैं। दीपावली पर जेल की सभी बैरक से लेकर जेल की उंची-उंची दीवारें एवं गार्डन तक हर एक कोना (Diwali 2024) कैदी खुद साफ कर इसकी रंगाई पुताई कर समूचे जेल परिसर को साफ सुथरा बना देते हैं। दीपावली पर जेल के अंदर और बाहरी हिस्सा कैदियों के अथक मेहनत से जगमगा उठता है।

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