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Sharad Purnima 2024 : क्या आपको पता है शरद पूर्णिमा का क्या है महत्व, इस दिन बनाई जाने वाली खीर क्यों होती है इतनी खास

Sharad Purnima 2024 : शरद पूर्णिमा का साल की सभी 12 पूर्णिमा तिथियों में सबसे महत्‍वपूर्ण स्थान होता है। शास्‍त्रों में शरद पूर्णिमा बहुत खास माना गया है। इस दिन खीर बनाए के भी विशेष महत्व होता है। इस दिन...
10:37 AM Oct 16, 2024 IST | Jyoti Patel
Sharad Purnima 2024

Sharad Purnima 2024 : शरद पूर्णिमा का साल की सभी 12 पूर्णिमा तिथियों में सबसे महत्‍वपूर्ण स्थान होता है। शास्‍त्रों में शरद पूर्णिमा बहुत खास माना गया है। इस दिन खीर बनाए के भी विशेष महत्व होता है। इस दिन खीर को बनाकर रात को चंद्रमा की रोशनी में इस खीर को रखा जाता है। धार्मिक मान्यों के अनुसार कहा जाता है, कि इस खीर को चाँद कि रौशनी में रखने पर इसपर अमृत वर्षा होती है और अगले दिन सुबह इस खीर को खाने से न सिर्फ आपको सुख संपत्ति की प्राप्ति होती है, बल्कि खीर के चमत्‍कारिक प्रभाव से आपके कई रोग दूर हो जाते हैं। आज हम आपको बताएंगे आखिर क्यों शरद पूर्णिमा पर बनाई जाती है खीर और इस खीर को खाने के क्या होते हैं फायदे।

शरद पूर्णिमा को क्यों बनाई जाती है खीर

आपको बता दें, शरद पूर्णिमा को मां लक्ष्‍मी के प्राकट्योत्‍सव के रूप में मनाया जाता है। मान्‍यता के अनुसार कहा जाता है, कि इस दिन देवी मां लक्ष्मी समुद्र मंथन से उत्‍पन्‍न हुई थीं। इसके साथ ही द्वापर युग में भगवान कृष्‍ण ने शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी में महारास किया था और इससे प्रसन्‍न होकर चंद्रमा ने अमृत वर्षा की थी। मान्‍यता है कि शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होकर अमृत वर्षा करते हैं। यही वजह है कि शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में खीर रखने से उसमें अमृत घुल जाता है। मां लक्ष्‍मी को भी मखाने और दूध से बनी खीर बेहद प्रिय है। यह भी एक वजह है कि शरद पूर्णिमा यानी कि मां लक्ष्‍मी के जन्‍मोत्‍सव पर उनकी प्रिय खीर का भोग लगाकर प्रसाद के रूप में खाने से मां लक्ष्‍मी प्रसन्‍न होकर आशीर्वाद प्रदान करती हैं।

कोजागिरी के नाम से भी जाना जाता है

बिहार और पश्चिम बंगाल में शरद पूर्णिमा के मौके पर कोजागरा व्रत मनाया जाता है। कोजागरा का अर्थ होता है‘कौन जाग रहा है।’ इस दिन लोग रात को जागकर मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं। मान्यता है कि जो इस रात जागता है, मां लक्ष्मी उसके घर समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। कोजागरा व्रत के दौरान रात में मां लक्ष्मी की पूजा के बाद मखाने और बताशे का प्रसाद बांटा जाता है। रात लोग कौड़ी भी खेलते हैं। माना जाता है कि कौड़ी समुद्र से उत्पन्न होती है और देवी लक्ष्मी को बहुत प्रिय है। इसलिए उनकी पूजा में कौड़ी भी अर्पित की जाती हैं।

शरद पूर्णिमा पर खीर खाने के लाभ

शरद पूर्णिमा की रात को चांदनी में रखी खीर खाने से कई रोगों से मुक्ति दिला सकती है, खासकर चर्म रोगों के लिए यह बहुत फायदेमंद मानी जाती है। इसके अलावा, कहा जाता है, यह खीर आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी मददगार मानी जाती है।इसके अलावा यह खीर वाणी के दोषों को दूर करने के साथ-साथ मां लक्ष्मी का आशीर्वाद भी दिलाती है।

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