Action On Ambulance Staff: रुपयों की मांग करने वाले एम्बुलेंस स्टाफ को नौकरी से धोना पड़ा हाथ , मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लिया एक्शन
Action On Ambulance Staff: अशोक नगर। जिले में लापरवाह एंबुलेंस स्टाफ पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए सेवा से मुक्त कर दिया। पिछले दिनों प्रसूता के परिजनों ने जननी एंबुलेंस स्टाफ को पैसे नहीं दिए थे, तो वह प्रसूता को बीच रास्ते छोड़कर चला गया था। इसमें आशा कार्यकर्ता ने ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अजय जाटव को इसकी सूचना दी थी। तब जाकर मुंगावली सिविल अस्पताल की एम्बुलेंस भेजकर प्रसूता को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस ख़बर को एमपी फर्स्ट के द्वारा प्रमुखता से दिखाया गया था। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर शासन-प्रशासन की नींद खुली और ख़बर का असर हुआ।
जननी एक्सप्रेस और एम्बुलेंस का मिले लाभ
शासन द्वारा जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस गर्भवती महिलाओं के लिए स्पेशल चलाई गई सेवा है। अस्पताल तक पहुंचने में किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए 108 जननी सेवा लगातार अपनी सेवाएं दे रही है। लेकिन कुछ दिनों से रिश्वतखोर स्टाफ की वजह से मरीजों को काफी परेशानी हो रही थी। ऐसी सेवाओं का लाभ लोगों को फ्री में मिलना चाहिए। रूपयों की मांग करने वाले स्टाफ की वजह से गरीबों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दी थी जानकारी
प्रसूता से पैसे मांगने की खबर को एमपी फर्स्ट ने प्रमुखता से उठाया था। जिसको संज्ञान में लेने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं खंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा चालक को सेवाओं से हटा दिया गया। कार्रवाई एम्बुलेंस सेवा की छवि धूमिल करने को लेकर की गई। प्रदेश में ऐसे कई मामले देखने को मिलते हैं। कई प्रसूताओं को तो अपना बच्चा तक खोना पड़ा। इस तरह की परेशानी को दूर करने के लिए सरकार और प्रशासन को ठोस कदम उठाना चाहिए। साथ ही समाज में मदद करने वाली आशा कार्यकर्ता और अजय जाटव जैसे अधिकारियों की सख्त जरूरत है, जिनके तुरंत प्रयास से प्रसूता को इलाज मुहैया हो सका।
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