Bageshwar Dham Chhatarpur: मंदिरों को वक्फ बोर्ड के अधीन करके षडयंत्र और प्रपंचियों पर लगे रोक, सनातन बोर्ड की हो स्थापना- बाबा बागेश्वर
Bageshwar Dham Chhatarpur: छतरपुर। जिले के प्रसिद्ध बागेश्वर धाम से पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा है कि हम भारत सरकार से चाहेंगे कि जब वक्फ बोर्ड हो सकता है तो सनातन हिंदू बोर्ड क्यों नहीं हो सकता है? उन्होंने कहा कि मंदिरों को उनके अधीन करके षड्यंत्र रचने वाले प्रपंच रचने वाले सभी ताकतों पर तत्क्षण रोक लगाकर हिंदू बोर्ड बनाए जाने की हम पूर्ण रूप से मांग कर रहे हैं। वहीं, बागेश्वर बाबा ने यह भी कहा कि हिंदुओं की सहनशीलता देखकर हमारा खून उबल रहा है। हम लोगों को देखते हैं कि वे कितने बड़े-बड़े प्रपंच रच रहे हैं।
पाठ्यक्रम पर बोले बाबा
NCERT के कक्षा 3 के सिलेबस की एक किताब में अध्याय "चिट्ठी आई है " के सेक्शन में छपा अहमद के नाम रीना नाम की लड़की के द्वारा लिखे पत्र को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में छतरपुर जिले के खजुराहो के एक अभिभावक राघव पाठक के द्वारा किताब के इस सेक्शन को लव जिहाद से जोड़ते हुए शिकायत की गई थी। मामला सुर्खियों में था, तो वहीं अब इसी चेप्टर को लेकर बागेश्वर बाबा धीरेन्द्र शास्त्री का भी बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि कक्षा 3 की पुस्तक में एक पाठ्यक्रम चिट्ठी आयी है जोड़ा गया है जिसमें एक चिट्ठी का फोटो भी लगाया गया है। ये लव जिहाद को बढ़ावा देने वाला पाठ्यक्रम छापा गया है।
अहमद ही नाम क्यों रखा
बागेश्वर बाबा बोले ये देश का दुर्भाग्य है कि चिट्ठी का पाठ्यक्रम बच्चों को सिखाने के लिए अगर जोड़ना ही था तो अहमद की जगह अमर व अन्य नाम भी हो सकते थे। अहमद ही क्यों रखा गया? उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि क्या प्रायोजित तरीके से तुम हिंदुओं की बेटियों को इन अहमदों के चक्कर में पडवाना चाहते हो? अगर नहीं तो जो भारत के सोए हुए हिंदू हैं उन्हें नहीं बोलना चाहिए। एक अकेला बागेश्वर बाबा बोलकर क्या करेगा? क्या तुम्हारी बहन बेटियां नहीं है? क्या तुम्हारा भारत नहीं है? क्या तुम्हारा सनातन नहीं है तो तुम्हारे पूर्वजों में इस देश में जीवन नहीं जिया? इस भारत के सौ करोड़ हिंदुओं की यह जिम्मेदारी है कि गलत का डटकर विरोध करना चाहिए।
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