Bhind Flood News: पंचायत एवं ग्रामीण मंत्री का भिंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दौरा, नाराज ग्रामीणों ने की विस्थापन करने की मांग
Bhind Flood News: भिंड। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते पूरे भिंड में बाढ़ के हालात बन चुके हैं। जिले के दबोह थाना क्षेत्र के ग्राम बिजपुर सहित कई गांवों में बाड़ ने तबाही मचा दी। बिजपुर गांव में इस बार पहूज नदी ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि अपनी दिशा बदलते हुई बीच गांव में आई और सब कुछ अपने साथ बहा ले गई। बाढ़ के चलते स्कूल का कुछ हिस्सा, बप्पा का देव स्थान एवं कई मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं, यहां तक कि खाने पीने तक के लाले पड़ गए। जिले के हालातों को देखने के लिए भिंड के प्रभारी पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों (Bhind Flood News) का दौरा किया।
बाढ़ पीड़ितों के बीच पंहुचे मंत्री, सहायता का दिया आश्वासन
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए भिंड के प्रभारी एवं पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल भी पंहुचे। अपने इस दौरे के दौरान मंत्री प्रहलाद पटेल ने भिंड जिले के लहार के बिजपुर, मेहगांव के कछपुरा और गुदावली और गोहद में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर हरसंभव मदद दिलाए जाने का आश्वासन दिया।
मंत्री प्रहलाद पटेल ने विस्थापन का दिलाया भरोसा
बाढ़ में फंसे ग्रामीणों ने मंत्री से बाढ़ के स्थाई समाधान के लिए विस्थापन की मांग की है। विस्थापन की मांग को लेकर मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि इसको लेकर बाढ़ पीड़ितों के साथ चर्चा होगी और उनकी विस्थापन की मांग पूरी की जाएगी। निश्चित ही उन्हें ऊंचे स्थान पर बसाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं बाढ़ में जिन लोगों के घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं या जिन लोगों को आवास नहीं मिला है, उन्हें आवास प्लस के तहत आवास दिए जाएंगे।
ग्रामीणों ने कहा, अच्छा रहता यदि मंत्रीजी बाढ़ग्रस्त इलाकों में जाकर देखते
बिजपुर गांव के ग्रामीणों ने कहा कि प्रभारी मंत्री आए तो हैं मगर उनका कार्यक्रम गांव के बाहर टेंट लगाकर पंचायत भवन पर हुआ। ग्रामीणों ने कहा कि काश, वह गांव के उस क्षेत्र में आते जहां सब कुछ बर्बाद हो गया तो उन्हें हमारी पीड़ा का एहसास होता। मीडिया के साथ बात करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें बार-बार आने वाली बाढ़ से बचाने के लिए उन्हें विस्थापित किया जाए।
बाढ़ पीड़ितों के साथ होती है राजनीति
भारी वर्षा के चलते हुई इस बर्बादी के बाद बाढ़ पीड़ितों के जख्मों पर मलहम लगाने के लिए कई नेता भी पहुंचे। मीडिया से बात करते हुए ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाढ़ पीड़ितों के साथ सिर्फ राजनीति होती है, वास्तविकता में कुछ काम नहीं होता। बाढ़ पीड़ितों को हर बार बाढ़ का सामना करना पड़ता है और बाढ़ से सब कुछ बर्बाद हो जाता है, उनकी इस समस्या का स्थाई समाधान कोई नहीं कराता।
यह भी पढ़ें: