Bhind Kisan News: दिन रात मेहनत कर अनाज पैदा करने वाला अन्नदाता ही लाइन में लगने को मजबूर

Bhind Kisan News: भिंड। भिंड जिले में सरसों की बाउनी शुरू हो चुकी है, मगर अन्नदाता कहे जाने वाले किसान खाद लेने के लिए पिछले सात-आठ दिनों से लगातार परेशान नजर आ रहे हैं। इसका कारण है कि भिंड में...
bhind kisan news  दिन रात मेहनत कर अनाज पैदा करने वाला अन्नदाता ही लाइन में लगने को मजबूर

Bhind Kisan News: भिंड। भिंड जिले में सरसों की बाउनी शुरू हो चुकी है, मगर अन्नदाता कहे जाने वाले किसान खाद लेने के लिए पिछले सात-आठ दिनों से लगातार परेशान नजर आ रहे हैं। इसका कारण है कि भिंड में खाद का रेक पॉइंट ना होना। किसानों का कहना है कि वे खाद लेने के लिए पिछले कुछ दिनों से 25 से 30 किलोमीटर से भी अधिक दूरी तय कर भूखे प्यासे सुबह 5 बजे ही भिंड आ जाते हैं, मगर उन्हें खाद नहीं मिल पा रहा है।

कई लाईनों में लगना पड़ता है किसानों को

इसके लिए उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खाद के लिए सबसे पहले तो किसानों को टोकन के लिए लाइन में लगना पड़ता है, फिर पर्ची लेने के लिए लाइन में लगना पड़ता है और तब गोदाम पर पहुंच कर घंटों इंतजार के बाद 4 से 5 दिन में जाकर कुछ मिलता है। उसमें भी जरूरत से कम खाद मिल रहा है। खाद के साथ भी नैनो की बोतल लेनी पड़ रही है जो उनके हिसाब से अनुपयोगी है। वहीं कई किसान तो खाद लेने के लिए आज भी वंचित हैं, किसानों ने खाद संकट (Bhind Kisan News) से निजात दिलाने के लिए काउंटर बढ़ाने की मांग की है।

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महिलाएं भी चौका-चूल्हा छोड़कर खाद के लिए लगी लाइन में

सरकार महिलाओं के लिए भले ही लाख वादे और दावे करती हो मगर अन्नदाता कहे जाने वाले किसानों की महिलाएं भी खाद के लिए लाइनों में लगी नजर आ रही है। महिलाओं का कहना है कि वे चौका-चूल्हा छोड़कर सुबह 4 बजे लाइन में लग जाती हैं और घर पर बड़े बुजुर्गो और बच्चों को छोड़कर आती हैं। परिवार भूखा रहता है, तब भी खाद नहीं मिल पा रहा है, महिलाओं का आरोप है कि पुरुष और महिलाओं की लाइनें तो अलग-अलग लगी हैं, मगर खिड़की पर एक ही व्यक्ति बैठा है। यदि महिलाओं की लाइनों के लिए स्टाफ बढ़ा दिया जाए तो खाद लेने में आसानी हो सकती है।

उपसंचालक कृषि विभाग अधिकारी ने कहा जल्द होगा समस्या का समाधान!

भिंड जिले में खाद समस्या को लेकर उप संचालक कृषि विभाग अधिकारी राम सुजान शर्मा ने कहा है कि अक्टूबर-नवंबर माह में किसान एक साथ सरसों एवं गेहूं की फसलों के लिए खाद लेने के लिए पहुंच जाते हैं। ऐसे में स्टॉक भी कम होता है जिसकी वजह से लाइनें लग जाती हैं और भिंड में खाद की रेक पॉइंट ना होना भी खाद किल्लत की वजह (Bhind Kisan News) बनता है। उप संचालक कृषि विभाग अधिकारी ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से बात की है। जल्द ही खाद की नई रेक आने के बाद खाद की उपलब्धता बढ़ जाएगी।

अधिकारियों ने दिया काउंटर बढ़ाने का आश्वासन

खाद वितरण के काउंटर बढ़ाने को लेकर उन्होंने कहा कि संबंध में उन्होंने कलेक्टर से बात की है, जल्द ही जिले में 6 काउंटर बढ़ाए जाएंगे। काउंटर बढ़ाने के बाद किसानों को लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। कृषि अधिकारी रामसुजान शर्मा ने कहा कि यूरिया एवं डीएपी की नैनो बोतल भारत सरकार का खुद का प्रोडक्ट है और उनकी अपील है कि किसान नैनो बोतल का उपयोग करें।

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