Bhind Rice Mill: भिंड में राइस मिल का धुआं बन रहा जानलेवा, गांव में सांस लेना हो गया मुश्किल!
Bhind Rice Mill भिंड: मध्य प्रदेश के भिंड जिले में राइस मिलों ने उद्योग, रोजगार और व्यापार के अवसर तो बढ़ाए हैं, लेकिन इसकी कीमत (Bhind Rice Mill Dust) आसपास रह रहे लोग अपनी और अपने परिवार वालों की सेहत से चुका रहे हैं। क्षेत्र के लोग धूल और धुएं से परेशान हैं। आलम यह है कि राइस मिल से निकलने वाले धुएं और डस्ट से लोगों का सांस लेना दुश्वार हो गया है। बच्चे घुटन महसूस कर रहे हैं।
राइस मिल से लोगों को सांस लेने में हो रही परेशानी
मामला भिंड जिले के गोहद विधानसभा क्षेत्र माता का पुरा का है। इस क्षेत्र के गोहद के वार्ड नंबर- 17 में स्थित राइस मिल लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। दरअसल, राइस मिल से ही लगा हुआ माता का पुरा गांव है। गांव की आबादी करीब 1500 है। ग्रामीणों का आरोप है कि राइस मिल से निकलने वाले धुएं और डस्ट से लोगों को सांस लेने में परेशानी होती है। डस्ट के चलते बच्चों को घुटन महसूस होती है।
SDM को आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
वहीं, ग्रामीणों का कहना है, "राइस मिल से प्रदूषण हो रहा है और ग्रामीण बीमार (Rice Mill Spreading Diseases in Bhind) हो रहे हैं। इस समस्या को लेकर हमने गोहद एसडीएम को आवेदन भी दिया है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। राइस मिल की वजह से इस क्षेत्र में 40 की उम्र पार करने के बाद लोगों को सांस लेने में काफी परेशानी हो रही है। लोगों पर सांस लेने संबंधी बीमारी हावी हो रही है। बीमारी की वजह से कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।"
मकानों, बर्तनों और खाद्य सामग्री पर जम जाती है डस्ट
ग्रामीणों के अनुसार, मकानों के ऊपर और घर के अंदर रखे पीने के पानी में और सोते समय नाक एवं मुंह भी काली डस्ट जमा हो जाती है। काली डस्ट की वजह से गांव के लोग बीमार हो रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने कहा है कि इस गंभीर समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई है, लेकिन उनकी परेशानी जस की तस बनी हुई है। अब तक किसी ने उनकी समस्या का समाधान करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। वहीं, संबंधित अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में क्या और किस वजह से परेशानी हो रही है, इसका अध्ययन किए जाएगा।
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