Chhatarpur Nagar Palika: कोर्ट का आदेश नहीं माना तो नगरपालिका सीएमओ के ऑफिस का सामान हुआ जप्त, नाली निर्माण को लेकर की थी शिकायत
Chhatarpur Nagar Palika: छतरपुर। छतरपुर नगरपालिका सीएमओ को न्यायालय आदेश की अनदेखी करना महंगा पड़ गया। कोर्ट के आदेश नहीं मानने से पर कोर्ट की टीम नगर पालिका सीएमओ के चेंबर के सामान की कुर्की करने पहुंच गई। इससे सीएमओ कार्यालय में हड़कंप मच गया। कोर्ट की टीम ने वहां पर पहुंच कर जरूरी कार्यवाही करते हुए कार्यालय के सामान को जप्त कर लिया। अब तक मिली जानकारी के अनुसार न्यायालय के आदेशिका वाहक आरक्षक द्वारा सीएमओ चेंबर की कुर्सी, टेबल एवं दो पंखे सहित एसी को जप्त कर लिया है। कोर्ट के वारंट की तामीली पालन करने जब कोर्ट की टीम पहुंची तो मौके पर सीएमओ माधुरी शर्मा नदारद मिली।
नाली निर्माण नहीं करने पर कोर्ट ने दिया था जप्ती का आदेश
दरअसल यह मामला फरियादी काशी प्रसाद साहू से जुड़ा हुआ है। फरियादी काशी प्रसाद साहू ने बताया कि लोक उपयोगी सेवाएं स्थाई अदालत द्वारा 16 नवंबर 2022 को छत्रसाल चौराहे पर देवी मंदिर से पुरानी ईदगाह तक नाली के निर्माण के लिए आदेश पारित किया गया था। इसका पालन न करने की वजह से काशी प्रसाद ने सीएमओ के विरुद्ध निष्पादन प्रकरण सिविल कोर्ट में लगाया था। कोर्ट में 14 अगस्त को सीएमओ ने न्यायालय में कहा था कि हम एक माह में नाली का निर्माण कर देंगे।
नगर पालिका ने अधिकार से बाहर जाकर दिया नोटिस
फरियादी काशी प्रसाद साहू ने बताया कि न्यायालय के आदेश का पालन न करते हुए नगर पालिका ने काशी प्रसाद को ही अनधिकृत रूप से एक नोटिस दे दिया। सबसे बड़ी बात, इस बात का उन्हें अधिकार भी नहीं था। इसके बाद काशी प्रसाद ने फिर से न्यायालय की शरण ली और सारे दस्तावेज भी पेश किए। साथ ही न्यायालय से काशी प्रसाद ने नगर पालिका के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की।
जप्त सामान को सुपुर्दगी में दिया गया
इसी मामले में न्यायालय द्वारा सीएमओ के विरुद्ध कुर्की वारंट जारी किया गया था। इसके साथ-साथ शीघ्र नाली निर्माण न करने पर मोटर वाहन, कुर्सी, टेबल, एसी आदि भी जप्त करने के निर्देश दिए गए। इसी वारंट की तामीली करने गए न्यायालय के आदेशिका वाहक आरक्षक ने बताया की आज न्यायालय के आदेश अनुसार वारंट में उल्लिखित चीजों को जब्त किया गया है। फिलहाल जब्त सामग्री को सुपुर्दगी में दे दिया गया है। नगर पालिका सीएमओ द्वारा न्यायालय के आदेश की अनदेखी और न्यायालय की इस कार्यवाही के बाद नगर पालिका की कार्यप्रणाली और सीएमओ की खासी किरकिरी भी हो रही है।
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