ग्वालियर में डेंगू के बाद चिकनगुनिया का कहर, 400 मरीज, जानिए कारण, लक्षण और सावधानी

Chikungunya in Gwalior ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में डेंगू के बाद अब चिकनगुनिया ने भी अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। सबसे ज्यादा चिकनगुनिया के मरीज (Chikungunya Increase in Gwalior) लगभग 3 लाख की आबादी वाले...
ग्वालियर में डेंगू के बाद चिकनगुनिया का कहर  400 मरीज  जानिए कारण  लक्षण और सावधानी

Chikungunya in Gwalior ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में डेंगू के बाद अब चिकनगुनिया ने भी अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। सबसे ज्यादा चिकनगुनिया के मरीज (Chikungunya Increase in Gwalior) लगभग 3 लाख की आबादी वाले गोला का मंदिर स्थित दीनदयाल नगर क्षेत्र में सामने आए हैं। इस कॉलोनी में शायद ही ऐसा कोई घर हो, जिसमें चिकनगुनिया का मरीज न मिले। दीनदयाल नगर क्षेत्र की पुष्कर कॉलोनी में 100 घरों में से 400 मरीज मिले हैं। इसमें 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है। आखिर चिकनगुनिया फैलने के कारण क्या हैं, इसके क्या लक्षण हैं और क्या सावधानी बरतनी चाहिए आइए विस्तार से जानते हैं।

ग्वालियर शहर में डेंगू के बाद चिकनगुनिया का प्रकोप

ग्वालियर शहर के दीनदयाल नगर क्षेत्र की पुष्कर कॉलोनी में 400 मरीजों में 5 मरीजों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। इसमें से 2 मरीजों को दिल्ली और 2 मरीजों को ग्वालियर के निजी अस्पताल में रेफर किया गया है। चिकनगुनिया के मामले सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चिकनगुनिया के इतने अधिक मामले सामने आने के बाद आसपास के क्षेत्र में जो कॉलोनी हैं उसके अंदर न तो फॉगिंग की गई है और न ही कोई कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव हुआ है। हैरानी की बात यह है कि मलेरिया विभाग और नगर निगम ने कागजों में काम करते हुए दिखा दिया है। ऐसे में स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।

डीडी नगर गोला का मंदिर क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित

वहीं, अगर प्रशासनिक रिपोर्ट की बात की जाए तो आंकड़ों के अनुसार शहर में केवल 131 चिकनगुनिया के मरीज हैं। इसमें डीडी नगर गोला का मंदिर क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित (Chikungunya in DD Nagar Area) है। इस पूरे क्षेत्र में 600 से ज्यादा मरीज हैं। ग्वालियर शहर में 150 से अधिक पैथोलॉजी लैब संचालित है। इन लैब में हर दिन चिकनगुनिया के 15 से 20 मरीज (Chikungunya in Gwalior) आ रहे हैं। हर में 15 से 20 मरीज में 7वें मरीजे में चिकनगुनिया की पुष्टि हो रही है।

क्या कहते हैं नगर निगम के अधिकारी?

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है, "हमारी टीम जहां से भी चिकनगुनिया या डेंगू की जानकारी मिलती है, वहां जाकर फॉगिंग करती है। चिकनगुनिया प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारी लगातार दौरा कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।" एक ओर चिकनगुनिया से शहर में लोग परेशान हैं वहीं दूसरी ओर नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग दोनों एक दूसरे पर अपनी जिम्मेदारी (Diagnosis of Chikungunya) को डालते नजर आ रहे हैं। इसका सीधा सीधा खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ रहा है।

आखिर चिकनगुनिया क्या है?

चिकनगुनिया मच्छर जनित वायरल (What is Chikungunya) बीमारी है। हालांकि डेंगू जैसे इसके लक्षण फौरन पहचान में नहीं आते, लेकिन कई बार यह काफी घातक सिद्ध होता है। चिकनगुनिया से संक्रमित होने पर जोड़ों में काफी तेज दर्द होता है। दर्द के चलते व्यक्ति झुकने में भी असमर्थ हो जाता है। जोड़ों की समस्याओं के अलावा, चिकनगुनिया बुखार होने पर व्यक्ति काफी थकान महसूस करता है। कभी-कभी शरीर में दाने आ जाते हैं। अगर समय रहते इसका सही से इलाज हो तो व्यक्ति जल्द ही इससे रिकवर हो जाता है।

चिकनगुनिया के लक्षण

डॉक्टर के अनुसार, चिकनगुनिया वायरस मच्छरों (symptoms of Chikungunya) द्वारा फैलता है। मच्छर काटने के 4 से 7 दिनों के अंदर इसके लक्षण दिखने लगते हैं। चिकनगुनिया वायरस के संक्रमित होने पर बुखार और जोड़ों में दर्द की शिकायत हो सकती है। कुछ मामलों में चिकनगुनिया से निमोनिया या मेनिनजाइटिस जैसी गंभीर बीमारी भी हो सकती है। चिकनगुनिया के कई लक्षण हैं, उनमें से एक है सिर में दर्द होना। काफी तेज सिर दर्द होने पर डॉक्टर से जरूर सलाह लें। कुछ लोगों को बुखार कम होने के बाद भी लंबे समय तक जोड़ों में दर्द का अनुभव होना।

चिकनगुनिया फैलने से ऐसे रोकें

चिकनगुनिया से संक्रमित होने के दौरान दर्द इतना गंभीर हो सकता है कि मरीजों को एक सप्ताह या कई दिनों तक बेड पर ही रहना पड़ सकता है। इसके साथ ही चिकनगुनिया से संक्रमित व्यक्ति (Chikungunya Prevention) को अधिक से अधिक तरल पदार्थ (लिक्विड) पीने की जरूरत होती है। वरना डिहाइड्रेशन की भी परेशानी हो सकती है। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति को मच्छरदानी में रहना चाहिए, ताकि मच्छर संक्रमित व्यक्त को काटने के बाद दूसरे व्यक्ति को न काटे।

चिकनगुनिया कैसे फैलता है?

डॉक्टर के अनुसार, चिकनगुनिया मुख्य रूप से जोड़ों और बुखार (Causes Of Chikungunya) पर हमला करता है। इसकी शुरुआत अचानक से तेज बुखार और जोड़ों में दर्द होती है। चिकनगुनिया संक्रमित व्यक्ति का दूषित भोजन या उसके निकट संपर्क में आने पर नहीं होता है। संक्रमित व्यक्ति के पास में रहने से चिकनगुनिया नहीं फैलता। बल्कि, संक्रमित मच्छरों के काटने से चिकनगुनिया फैलता है। हालांकि, संक्रमित व्यक्ति को खुद काफी सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

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