किस्सा: पिता तो पिता होता है, बेटा कितना भी बड़ा हो जाए, पिता की नजर में हमेशा छोटा ही रहता है
CM Mohan Yadav Bond with Father भोपाल: सिर से पिता का साया उठने के बाद से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव काफी दुखी हैं। कहते हैं पिता तो पिता होता है। बेटा चाहे जितना भी कमाने लगे, लेकिन पिता तो उसे फिर भी अपनी सारी पूंजी न्योछावर करने को तैयार रहता है। कुछ इसी तरह का वाकया मोहन यादव के साथ भी हुआ। कहते हैं एक दिन जब मोहन यादव पिताजी से आशीर्वाद लेने पहुंचे और आशीर्वाद लेकर कुछ पैसे मांगे तो पिता पूनम चंद ने अपने बेटे को 500 की गड्डी थमा दी। इसपर मोहन यादव खूब हंसे और उन्होंने मुस्कुराते हुए सिर्फ 500 का एक नोट निकाला और बाकी के पैसे पिता की जेब में रख दिए। ये किस्सा उज्जैन का है।
जब मोहन को थमा दिया पिता ने ट्रैक्टर सुधरवाने का बिल
सीएम मोहन यादव अपने घर पहुंचे तो पिता और बेटे में बातचीत हुई। इस दौरान पिता ने बेटे को नोटों की गड्डी दे दी तो बाद में पिताजी ने मोहन को ट्रैक्टर सुधरवाने का बिल थमा दिया। ट्रैक्टर सुधरवाने का बिल 10 हजार का था। मोहन यादव ने बोला कि पिताजी मैं ये बिल चुका दूंगा।
बेटे ने पहनाई पिता को जैकेट
अपनी वैवाहिक वर्षगांठ (Marriage Anniversary) पर मोहन यादव अपने पिता से आशीर्वाद लेने पहुंचे। इस दौरान मोहन यादव ने अपने पिता के साथ बैठकर चर्चा की इस दौरान पिता-पुत्र के भावुक प्रेम की झलक भी दिखाई दी। मुख्यमंत्री ने अपने पिता को ठंड से बचाने के लिए अपने हाथों से जैकेट पहनाई और उनसे अपना ध्यान रखने को कहा था।
मोहन यादव पांच भाई-बहन
मोहन यादव तीन भाई और दो बहन हैं। इनमें सबसे बड़ी बहन ग्यारसी बाई और कलावती हैं। बड़े नंदलाल और नारायण हैं। मोहन यादव पांचों भाई-बहन में सबसे छोटे हैं।
उज्जैन के क्षिप्रा तट पर अंतिम संस्कार
बता दें कि, पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा मोहन यादव के निवास गीता कॉलोनी उज्जैन से प्रारंभ होगी अंतिम संस्कार (MP CM Father last Rites) क्षिप्रा तट, भूखी माता मंदिर के पास होगा। अंतिम यात्रा गीता कॉलोनी, सकडिया सुल्तान मंदिर, खजूर वाली मस्जिद, बुधवारिया, निकास चौराहा, निलीवाड़ा, कंठाल, सतीगेट, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, ढाबा रोड, बड़ा पुल और कार्तिक मेला ग्राउंड से होते हुए भूखी माता पहुंचेगी।
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