Collector Action: शिक्षा माफिया जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल संचालक गिरफ्तार, करोड़ों की हेराफेरी का है मामला

Collector Action: जबलपुर। शहर के सबसे बड़े शिक्षा माफिया के रूप में विख्यात हो चुके विजय नगर स्थित जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रबंधकों को आखिरकार कलेक्टर की सख्त कार्रवाई के चलते पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। निजी स्कूलों की...
collector action  शिक्षा माफिया जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल संचालक गिरफ्तार  करोड़ों की हेराफेरी का है मामला

Collector Action: जबलपुर। शहर के सबसे बड़े शिक्षा माफिया के रूप में विख्यात हो चुके विजय नगर स्थित जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रबंधकों को आखिरकार कलेक्टर की सख्त कार्रवाई के चलते पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि और अनियमितताओं के खिलाफ कलेक्टर दीपक सक्सेना ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रबंधन के विरुद्ध विजय नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई। इसमें पुलिस ने जॉय एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष अखिलेश मेबिन और सचिव अनुराग श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया गया।

आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप

आर्थिक अनियमित्ताओं और धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों में घिरे अखिलेश मेबिन और सचिव अनुराग श्रीवास्तव पर छात्रों से अवैध रूप से 25 करोड़ से ज्यादा की अवैध फीस वसूली, नकली आईएसबीएन बुक और स्टेशनरी एवं यूनिफार्म में कमीशनखोरी सहित कई गंभीर आरोप है। विजयनगर थाना पुलिस ने स्कूल संचालक अखिलेश मेबिन सचिव अनुराग श्रीवास्तव और स्कूल की कोषाध्यक्ष कविता बलेचा के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है।

अखिलेश मोबिन एवं सचिव अनुराग श्रीवास्तव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने दोनों के घर पर दबिश देकर उसी वक्त दबोच लिया जब यह दोनों फरार होने की फिराक में थे जबकि कविता बलेचा की गिरफ्तारी होना शेष है।

रसूक दिखाकर अभिभावकों से दुर्व्यवहार

जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने प्रेस ब्रीफ में जानकारी देते हुए बताया कि जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, विजय नगर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ लंबे समय से अभिभावकों की शिकायतें मिल रही थीं। रसूक के चलते अखिलेश मेबिन इस कदर बेलगाम हो चुका था कि किसी मामले में शिकायत करने पहुंचने वाले अभिभावकों से गाली गलौज के साथ वाउंसरों से धक्का-मुक्की करवाने से भी बाज नहीं आता था। वहीं स्कूल प्रबंधन द्वारा मनमानी फीस बढ़ोत्तरी और वसूली के साथ अभिभावकों के साथ दुर्व्यवाहार की कई घटनाएं सामने आई थी।

अभिभावकों की शिकायत पर कलेक्टर ने स्कूल की जांच कराई। जांच में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नियम 9 (7) एवं नियम 9 (8) के तहत जिला समिति द्वारा वर्ष 2018-19 से वर्ष 2024-25 तक की गई समस्त फीस वृद्धि को अमान्य किया गया। स्कूल बैग का वजन निर्धारित सीमा में रखने के लिए पुस्तकों और स्टेशनरी आइटम की संख्या में कटौती करने, फर्जी और डुप्लीकेट आईएसबीएन बुक का इस्तेमाल करते पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया।

25 करोड़ 21 लाख से ज्यादा की अवैध फीस वसूली

एडिशनल एसपी आनंद कलादगी के मुताबिक जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल की ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि स्कूल प्रबंधन ने अवैधानिक रूप से फीस वृद्धि कर छात्रों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। स्कूल प्रबंधन द्वारा दो अलग-अलग बैंक खाते खोलकर 25 करोड़ 21 लाख 12 हजार 40 रुपए की अवैध फीस का फर्जीवाड़ा करने का प्रयास किया। स्कूल ने पिछले वर्षों में 15 प्रतिशत से अधिक की वार्षिक अधिशेष होते हुए भी फीस में भारी वृद्धि की।

छात्रों से वसूली गई राशि का उपयोग शिक्षण सुविधाओं में इजाफा करने की बजाय विदेश ट्रिप और लग्जरी वाहनों के साथ ही व्यक्गित शानों-शौकत में खर्च की गई। स्कूल ने 2.51 करोड़ रुपए की लक्ज़री कारें खरीदी, फीस की रकम से दुबई ट्रिप पर 16 लाख रुपए से ज्यादा खर्च किए गए। इसके साथ ही स्कूल ने सेंचुरी डेवलपर की 2 करोड़ 10 लाख रुपए की जमीन खरीदने के लिए एडवांस रूपए भी स्कूल फीस की राशि से भुगतान की।

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