Damoh News: बेटे के मृत्यु भोज पर एक पिता ने आखिर क्यों बांटे हेलमेट? जानिए पूरा मामला
Damoh News: समस्याएं हम सभी के जीवन में होती हैं। कुछ लोग अपनी ही समस्याओं में डूबकर रह जाते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपने दुख और समस्याओं को भूलकर समाज को नई दिशा देने में जुट जाते हैं। सामाजिक संदेश का एक ऐसा ही मामला सामने आया है दमोह जिले के जबेरा विकासखंड के चंडी चौपरा गांव से। यहां एक पिता ने सड़क दुर्घटना (Road Accident) में मारे गए अपने बेटे की याद में लोगों को हेलमेट बांटकर यातायात सुरक्षा (Traffic Safety) का संदेश दिया।
बेटे की मौत से टूटे पिता
इस गांव के रहने वाले दौलत सिंह लोधी का बेटा संकेत सिंह हाल ही में एक सड़क दुर्घटना में मारा गया था। संकेत गत 15 जून को बाइक लेकर एक घर से किसी काम के लिए निकला था। कुछ दूर जाने पर ही उसकी बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। जिस समय यह हादसा हुआ था तब संकेत ने हेलमेट नहीं पहना था। सिर में गंभीर चोट लगने के चक्कर में संकेत की मृत्यु हो गई। दौलत सिंह अपने जवान बेटे की मौत पर बुरी तरह से टूट गए।
पिता ने दुख भुलाकर लिया सामाजिक संदेश देने का संकल्प
दौलत सिंह कुछ दिन गहरे दुख में तो डूबे, लेकिन इसी बीच उन्हें ख्याल आया कि जो उनके साथ हुआ वह किसी और के साथ नहीं होना चाहिए। इसी नेक इरादे के साथ उन्होंने अपने बेटे के मृत्यु भोज के दिन युवाओं को हेलमेट बांटने का निर्णय लिया। दौलत सिंह के इस परोपकारी काम की समाज के लोगों ने भी काफी प्रशंसा की है।
दौलत सिंह जैसे लोग हैं समाज के सच्चे हीरो
निश्चित रूप से दौलत सिंह जैसे लोग आज हमारे समाज के सच्चे हीरो हैं जो अपने दुख में भी समाज के भले ही सोच रखते हैं। वह साल 1966 में आई हिंदी फिल्म 'बादल' के उस गीत को भी सार्थक करते हैं जिसके बोल हैं.... "अपने लिये जिये तो क्या जिये, तू जी, ऐ दिल, ज़माने के लिये।"
यह भी पढ़ें:
Amarwara By-Election: कमलेश शाह ने क्यों छोड़ी कांग्रेस, पीएचई मंत्री संपतिया उइके ने बताई अहम वजह
MP Weather Update: इन जिलों में भारी बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट