Dengue Disease Indore: डेंगू की चपेट में आए इस गांव में अभी तक 85 लोग हो चुके संक्रमित, डर के माहौल में जी रहे लोग

Dengue Disease Indore: इंदौर। शहर की देपालपुर विधानसभा में कोरोना के बाद डेंगू ने कहर ढाया हुआ है। देपालपुर विधानसभा के जलोदिया पंथ में एक साथ 50 से अधिक डेंगू के मरीज सामने आए हैं। इससे लोगों में डर का...
dengue disease indore  डेंगू की चपेट में आए इस गांव में अभी तक 85 लोग हो चुके संक्रमित  डर के माहौल में जी रहे लोग

Dengue Disease Indore: इंदौर। शहर की देपालपुर विधानसभा में कोरोना के बाद डेंगू ने कहर ढाया हुआ है। देपालपुर विधानसभा के जलोदिया पंथ में एक साथ 50 से अधिक डेंगू के मरीज सामने आए हैं। इससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। वहीं, एक साथ 50 से अधिक डेंगू के मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाकर एक-एक मरीज की ट्रेकिंग की। इसमें कई गंभीर मरीजों को इलाज के लिए इंदौर सहित आसपास के अस्पताल में इलाज के लिए भी भेजा गया। इसी कड़ी में एक गर्भवती महिला की मौत भी हो गई, जिससे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।

लोगों में डेंगू का डर

जिस महिला पूजा राठौर की मौत हुई है, वह गांव-गांव में जाकर महिलाओं के साथ ही पुरुषों को स्वच्छता के लिए जागृत करती थी। एक एनजीओ के लिए वह काम करती थी, वहीं एक साथ गांव में 50 से अधिक डेंगू के मरीज सामने आने के बाद गांव के लोग भी काफी डरे हुए हैं। लोगों को हल्का सा बुखार या खांसी भी होती है तो उन्हें यही लगता है कि कहीं उन्हें भी डेंगू तो नहीं हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्रीय सरपंच बलदेव पटेल के द्वारा क्षेत्र में साफ-सफाई नहीं करवाई जा रही है। इसी के कारण डेंगू जैसी महामारी ने गांव में पैर पसार लिए हैं। वहीं, गांव में तकरीबन 2,000 से अधिक लोग रहते हैं लेकिन प्रत्येक घर में एक डेंगू का मरीज मौजूद है।

स्वच्छ शहर की हालत गंभीर

फिलहाल, जहां इंदौर स्वच्छता में नंबर वन है तो वहीं दूसरी ओर इंदौर से तकरीबन 50 किलोमीटर दूर देपालपुर विधानसभा के गांव जलोदिया पंथ में स्थिति गंभीर बनी हुई है। अब देखना होगा कि इंदौर कलेक्टर सहित स्वास्थ्य विभाग किस तरह से गांव में फैले डेंगू पर नकेल कसती है। ग्रामीण रोहित पटेल का कहना है कि गांव के सरपंच बलदेव पटेल को गांव में फैल रही गंदगी को लेकर शिकायत की थी। लेकिन, उन्होंने ध्यान नहीं दिया और सरपंच को ही सबसे पहले डेंगू हुआ। इसके बाद धीरे-धीरे गांव के अन्य लोग भी डेंगू की चपेट में आ गए। इस तरह से गांव में आज की स्थिति में 85 लोगों को डेंगू हो चुका है।

इनमें से कुछ का इलाज निजी अस्पताल में किया जा रहा है तो वहीं कुछ का इलाज अभी भी गांव के ही कुछ हॉस्पिटलों में किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के ब्लॉक मेडिकल अधिकारी अभिलाष धाकड़ का कहना है कि ग्रामीणों की सूचना पर क्षेत्र में लावा को नष्ट करने के लिए फॉगिंग सहित अलग-अलग तरह के जतन किए जा रहे हैं। साथ ही गांव में एक कैंप पर भी लगाया गया और वहां पर ग्रामीणों की मेडिकल जांच की गई। इनमें से प्रारंभिक तौर पर 40 लोगों को डेंगू होने की पुष्टि हुई। उसके बाद भी लगातार गांव में प्रत्येक घर में अधिकारियों के द्वारा जांच पड़ताल की जा रही है।

ये भी पढ़ें: Army Base Workshop: आर्मी बेस वर्कशॉप में कर्मचारी पर गिरा बोफोर्स तोप का 2 टन वजनी पार्ट, कर्मचारी की मौत

ये भी पढ़ें: Guna Fight News: होटल में दो युवकों के बीच चले लात-घूंसे, एक ने दूसरे का कान काटकर खाया!

Tags :

.