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Digital Arrest: रिटायर्ड नारकोटिक्स अधिकारी को पत्नी के साथ किया डिजिटल अरेस्ट, रूपए भेजने से पहले समझदारी आई काम

Digital Arrest: ग्वालियर। जिले के एख रिटायर्ड नारकोटिक्स अधिकारी राकेश गुप्ता और उनकी पत्नी डिजिटल अरेस्ट की शिकार हो गईं।
10:55 PM Nov 11, 2024 IST | MP First

Digital Arrest: ग्वालियर। जिले के एख रिटायर्ड नारकोटिक्स अधिकारी राकेश गुप्ता और उनकी पत्नी डिजिटल अरेस्ट की शिकार हो गईं। आरोपी ने दोनों को मनी लांड्रिंग केस में दोनों को संपत्ति जब्त करने की धमकी तक दे डाली। दंपत्ति इस तरह डर गए कि उन्होंने इस बारे में किसी से बात तक नहीं की। राकेश गुप्ता साइबर ठगों के इशारे पर आरटीजीएस करने बैंक भी पहुंच गए। लेकिन, फिर उनका अधिकारी वाला दिमाग काम कर गया और पूरे मामले की पोल खुल गई।

पैसे जमा करने से पहले गए साइबर सेल

रिटायर्ड अधिकारी राकेश ने रूपए जमा करने के लिए फार्म भरा ही तो था कि तभी उन्हें दाल में कुछ काला लगा। शक होने पर वे डरे-सहमे हुए एसपी ऑफिस स्थित साइबर सेल पहुंचे। यहां साइबर सेल (Digital Arrest) के अधिकारियों ने उन ठगों से बात की उनसे पूछताछ की। साइबर अधिकारियों ने ठगों से पूछा कि किन नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद ठगों की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई और उन्होंने वीडियो कॉल तक कट कर दिया। ठगों ने नंबर तक ब्लॉक कर दिया और इस तरह रिटायर्ड अधिकारी अपनी सूझबूझ से बच गए।

सीबीआई अधिकारी बनकर किया था कॉल

बता दें कि राकेश गुप्ता के पास सुबह अनजान नंबर से फोन आया था। इसमें आरोपी ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया था। उसने बताया कि सीबीआई ने नरेश गोयल नाम के अपराधी को मनी लांड्रिंग मामले में अरेस्ट किया। इससे 200 क्रेडिट कार्ड जब्त हुए, जिसमें से एक कार्ड उनके नाम पर भी बताया। ठगों ने राकेश को डराने के लिए कहा कि उनके नाम 17 एफआईआर हैं और सुप्रीम कोर्ट के दो वारंट जारी हुए।

उन्हें गिरफ्तार करने के आदेश हैं और आयु के लिहाज से डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। इस बात से राकेश डर गए। पत्नी से बात की तो दोनों को ठगों ने घर से बाहर निकलने पर रोक लगा दी और धमकाया। आरोपी ने राकेश से 1 लाख 11 हजार से अधिक की रकम आरटीजीएस करने के लिए कहा। हालांकि, उनकी समझदारी से वे बच गए। साइबर सेल ने बताया कि कोई भी जांच एजेंसी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती।

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