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Wrong Treatment Ujjain: झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से छात्रा की आंखों की रोशनी गई, लिवर खराब, क्लीनिक सील

Wrong Treatment Ujjain: उज्जैन जिले में एक झोलाछाप डॉक्टर के गलत इलाज के कारण एक बच्ची का लीवर खराब हो गया और आंखों की रोशनी चली गई।
07:22 PM Nov 27, 2024 IST | Sanjay Patidar

Wrong Treatment Ujjain: उज्जैन। आज भी कई जगहों पर झोलाछाप डॉक्टर लोगों का इलाज कर रहे हैं। खासकर ऐसा ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर देखा जाता है। इलाज के दौरान लापरवाही बरतने का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है। ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला उज्जैन जिले से 45 किलों मीटर दूर तराना तहसील के माकड़ोंन से करीब एक माह पहले सामने आया था। इलाज के बाद बच्ची का लिवर खराब ओर आंखों की रोशनी चली गई थी। उस शिकायत पर प्रशासन ने उस झोलाछाप डॉक्टर का क्लीनिक सील करीब एक माह बाद आज कर दिया।

गलत इंजेक्शन से क्लीनिक सील

डॉक्टर पर आरोप है कि गलत इंजेक्शन देने से छात्रा अंजली का लीवर खराब हो गया और आंखों की रोशनी चली गई। झोलाछाप डॉक्टर तरुण गोलदार पर छात्रा के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप है। शिकायत के करीब एक महीने बाद डॉक्टर विक्रम रघुवंशी, डॉक्टर प्रदीप सोमेश और डॉ. विकास राजपूत की तीन सदस्य टीम ने झोलाछाप डॉक्टर का क्लीनिक सील करने की बड़ी कार्रवाई की। टीम ने बताया कि आयुर्वैदिक डॉक्टर पर कई जगह जांच चल रही है। इस प्रकरण का निराकरण नहीं होने तक क्लिनिक सील किया गया।

परिजन ने लगाए आरोप

पिता विष्णु बैरागी ने मीडिया को बताया कि बेटी अंजली को बुखार आने के बाद उसे 29 अक्टूबर को माकड़ौन के डॉक्टर तरुण गोलदार के पास इलाज की लिए ले गए थे। डॉक्टर ने पहले ही दिन ही मरीज को इंजेक्शन ओर बोतल लगा दी। इससे उसकी हालत और भी बिगड़ गई और वह अगले दिन उठ भी नहीं पाई। इलाज करने के बाद अगले दिन बच्ची को दिखाने गए तो डॉक्टर ने परिजन को बताया कि बच्ची को आराम हे। लगातार 3 दिन तक इलाज चलने के बाद चौथे दिन छात्रा अंजली की तबियत बिगड़ी ओर आंखों से दिखना बंद हो गया। हालत बिगड़ने पर आनन- फानन में उसे उज्जैन लाया गया, जहां निजी अस्पताल में दिखाने पर पता चला कि अंजलि का लीवर भी खराब हो चुका है।

अंजलि के पिता ने डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की

छात्रा अंजलि के पिता विष्णु बैरागी ने झोलाछाप डॉक्टर तरुण गोलदार पर इलाज के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। साथ ही उस पर कार्रवाई की मांग की। इधर अपने ऊपर लगे आरोप पर डॉक्टर तरुण गोलदार ने कहा मैंने बच्ची का इलाज नहीं किया। मेरे बेटे ने किया था, जो कि सरकारी अस्पताल आगर में पदस्थ हे।

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