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Govardhan Mahotsava Gwalior: सीएम ने बिना नाम लिए कसा कांग्रेस पर तंज, कहा- सरकार धर्म का काम न करें तो क्या अधर्म का काम करें?

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाल टिपारा गौशाला में लगभग 108 टन गोबर से निर्मित 11 फीट ऊंचे गोवर्धन पर्वत और इस पर्वत पर गोबर से ही निर्मित लगभग 8 फीट ऊंची भगवान श्रीकष्ण की प्रतिमा की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की।
01:00 PM Nov 03, 2024 IST | Suyash Sharma

Govardhan Mahotsava Gwalior: ग्वालियर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बिना नाम लिए कांग्रेस पार्टी पर बड़ा हमला बोला। ग्वालियर में आयोजित गोवर्धन महोत्सव 2024 में बोलते हुए उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा सदैव से हमारी सनातन परंपरा रही है। इस बार हमने शासन स्तर पर मनाने का फैसला किया। इससे कुछ दलों के लोगों को तकलीफ भी है। वे कह रहे हैं कि सरकार धार्मिक काम कर रही है। मैं पूछता हूं कि सरकार अगर धर्म का काम नही करेगी तो क्या अधर्म का काम करेगी। सरकार गौ संवर्धन करेगी क्योंकि गौ संवर्धन से ही देश समृद्ध होगा, लोग कुपोषण से मुक्त होंगे, खेती का उत्पादन बढेगा। हमारे देश में जब दूध और घी की नदियां बहती थी तब देश समृद्ध था।

सीएम ने बताया, क्यों करवाया गया गोवर्धन पूजन का आयोजन

ग्वालियर की आदर्श गौशाला लाल टिपारा में गोवर्धन पूजन एवं मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण द्वारा समाज की भलाई के लिये रखे गए आदर्शों को सामने लाने के लिये सरकार ने गौ पूजन (Govardhan Mahotsava Gwalior) एवं गोवर्धन पूजन करने का निर्णय लिया है। श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाओं व जीवन चरित्र के माध्यम से प्रकृति व गौवंश के महत्व एवं गांव की संस्कृति को प्रतिष्ठित किया। उनके जीवन का हर पक्ष प्रेरणादायी है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से हमें सीख मिलती है कि मनुष्य में हर प्रकार के कष्ट निवारण की क्षमता विद्यमान है।

108 टन गोबर से बनाया गया 11 फीट ऊंचा गोवर्धन पर्वत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाल टिपारा गौशाला में लगभग 108 टन गोबर से निर्मित 11 फीट ऊंचे गोवर्धन पर्वत और इस पर्वत पर गोबर से ही निर्मित लगभग 8 फीट ऊंची भगवान श्रीकष्ण की प्रतिमा की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने गोवर्धन पर्वत की आरती भी उतारी। उन्होंने गोवर्धन पूजा के माध्यम से ग्वालियर सहित सम्पूर्ण प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर गौ माता का पूजन किया और हाथ फेरकर हरा चारा खिलाकर गौ माता से आशीर्वाद प्राप्त किया। एक ओर गोबर से निर्मित विशाल गोवर्धन पर्वत, दूसरी ओर सजी-धजी गौ-माताएं और कतारबद्ध खड़े ग्वाल-ग्वाले देखकर लाल टिपारा परिसर में ऐसा आभास हो रहा था कि मानो यहां ब्रजधाम उतर आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर मंचासीन संतजनों को भी सम्मानित किया।

समारोह में मौजूद थे कई मंत्री, विधायक और सरकारी अधिकारी

इस अवसर पर उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री लखन पटेल, सांसद भारत सिंह कुशवाह, कृष्णायन गौशाला एवं लाल टिपारा गौशाला के संत अच्युतानंद जी महाराज व ऋषभदेवानंद जी महाराज सहित अन्य संतजन, विधायक प्रीतम लोधी, नगर निगम सभापति मनोज सिंह तोमर, संभाग आयुक्त मनोज खत्री, आईजी अरविंद सक्सेना, डीआईजी अमित सांघी, कलेक्टर रुचिका चौहान, पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त अमन वैष्णव, तथा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

लाल टिपारा गौशाला बनेगी आत्मनिर्भर

ग्वालियर की लाल टिपारा गौशाला की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह गौशाला प्रदेश ही नहीं वरन् पूरे देश में आदर्श स्थापित कर रही है। उन्होंने इस गौशाला को आदर्श बनाने में श्रीकृष्णायन गौशाला के संतों द्वारा दिए गए योगदान का विशेष रूप से उल्लेख किया। साथ ही कहा कि लाल टिपारा गौशाला में आईओसीएल द्वारा लगाए गए सीवीजी गैस प्लांट से अब गौशाला (Govardhan Mahotsava Gwalior) आत्म निर्भर बनेगी। यहां गोबर से निर्मित होने वाली गैस से जहां एक ओर नगर निगम के वाहन संचालित होंगे, वहीं दूसरी ओर जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।

भारतीय नस्ल की गाय ने ब्राजील में किया क्रांतिकारी बदलाव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरे विश्व में इस ध्रुव सत्य को स्वीकार किया गया है कि गौ माता के दूध में सबसे शुद्ध पोषक तत्व पाए जाते हैं। गाय के दूध से कुपोषण की समस्या का भी समाधान संभव है। उन्होंने गौवंश की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुजरात से गई गिरि नस्ल की गाय ने ब्राजील देश में क्रांतिकारी बदलाव लाने का काम किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गाय धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि आर्थिक रूप से भी करोड़ों भारतीयों के लिये पूजनीय है। आज पंचगव्य सहित अनेक उत्पाद आमजन द्वारा उपयोग में लाए जा रहे हैं। आयुर्वेद में गौवंश के पंचगव्य जिसमें दूध, दही, घी, गोबर और गौ-मूत्र का उल्लेख मिलता है जो बीमारियों की रोकथाम के साथ-साथ हमारे जीवन में विशेष उपयोगी हैं।

हर संभाग में खोली जायेंगीं बड़ी-बड़ी गौशालायें

सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गौ-पालन व संरक्षण को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर जैसे बड़े शहरों व प्रदेश के संभागों में बड़ी-बड़ी गौशालाएँ प्रारंभ की जायेगी। शहरों की गौशालाओं में 10 हजार तक गौवंश रखने की व्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि गाय का कुनबा बढ़े, इसके लिए जो लोग 10 से अधिक गायों का पालन करेंगे, उन्हें सरकार द्वारा विशेष प्रोत्साहन दिया जायेगा।

लाल टिपारा गौशाला से नगर निगम को भी फायदा होगा

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस अवसर पर कहा कि लाल टिपारा गौशाला (Govardhan Mahotsava Gwalior) में बड़े पैमाने पर गौ संरक्षण के साथ-साथ अब ग्वालियर नगर निगम को भी फायदा होगा। यहां पर बनने वाली सीएनजी गैस से नगर निगम के वाहन चलेंगे। उन्होंने इस अवसर पर यह भी कहा कि ग्वालियर को स्वच्छता में अव्वल बनाने के लिये सभी शहरवासी समर्पित भाव से सहयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में ग्वालियर को विकास पथ पर आगे बढ़ाने में हर संभव सहयोग मिलेगा।

ग्वालियर की गौशाला से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा

सांसद भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि ग्वालियर की आदर्श गौशाला मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर गौ सेवा के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है। लाल टिपारा गौशाला के सीएनजी प्लांट का लाभ ग्वालियर शहर को मिलेगा। साथ ही यहां उत्पादित जैविक खाद से जिले में जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे गौशाला की आमदनी बढ़ेगी और वह आत्मनिर्भर गौशाला बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है कि विकास के साथ-साथ विरासत का भी संरक्षण हो। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार यह काम बखूबी ढ़ंग से कर रही है।

गौ सेवकों का हुआ सम्मान

लाल टिपारा गौशाला में गोवर्धन पूजा एवं मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गौ सेवकों एवं अन्य सेवाभावी नागरिकों को मंच से सम्मानित किया गया। पिछले कई सालों से गौ माता (Govardhan Mahotsava Gwalior) की सेवा में जुटे गौसेवक आनंद तिवारी को गौ-सेवक सम्मान प्रदान किया गया। गाय के गोबर से कई वस्तुओं को बनाने वाली ममता कुशवाहा को गोबर शिल्पकार सम्मान दिया गया। साथ ही जैविक खेती के लिये विवेक, गोवर्धन की मूर्ति बनाने वाले दिलीप गोयल, भागवत कथा वाचक जितेन्द्र तथा डॉ. अंकित, डॉ. राघवेन्द्र सहित गौसेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहे अन्य नागरिकों को सम्मानित किया गया।

गौ उत्पादों की प्रदर्शनी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सराहा

गोवर्धन पूजा के अवसर पर कार्यक्रम स्थल पर गौ माता के दुग्ध व गोबर सहित अन्य पंचगव्य से निर्मित प्रदर्शनी लगाई गई थी। साथ ही राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वसहायता समूहों द्वारा भी गोबर से निर्मित अनेक सजावटी सामान बिक्री के लिए रखे गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं अन्य अतिथियों ने सभी स्टॉल पर जाकर उत्पाद देखे एवं इस प्रदर्शनी की सराहना की।

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