Gwalior Nagar Nigam: ग्वालियर नगर निगम पर बिजली विभाग का 27 करोड़ रुपए बकाया, वसूलने का कोई जुगाड़ नहीं
Gwalior Nagar Nigam: ग्वालियर। आम आदमी अगर बिजली का बिल ना भरे तो उसका कनेक्शन काट दिया जाता है लेकिन ग्वालियर नगर निगम पर बिजली विभाग का 27 करोड रुपए बकाया है, बावजूद इसके निगम बिल नहीं भर रहा। इस पूरे मामले में बिजली विभाग भी नगर निगम के आगे लाचार नजर आ रहा है और अब बड़े बकायादारों के बिल भरवाने की जिम्मेदारी राजस्व अधिकारियों को दी गई है।
5000 रुपए बकाया होते ही कट जाता है कनेक्शन
बकायेदारों के कनेक्शन काटने में बिजली विभाग की कार्रवाई लगातार दिखाई दे रही है। किसी उपभोक्ता के पास अगर ₹5000 का बिल बकाया हो जाता है तो तुरंत उसका कनेक्शन काट दिया जाता है। लेकिन आपको यह सुनकर हैरानी होगी कि ग्वालियर नगर निगम पर 27 करोड रुपए की राशि का बिजली बिल बकाया है जिसे नगर निगम ने अभी तक नहीं भरा है। बिजली विभाग के अधिकारी भी नगर निगम (Gwalior Nagar Nigam) के आगे लाचार नजर आ रहे हैं।
लगातार रिकवरी के लिए प्रयासों में जुटा हुआ है बिजली विभाग
नितिन मांगलिक, महा प्रबंधक, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ग्वालियर ने बताया कि बकाया बिल वसूलने के लिए बिजली विभाग लगातार योजनाएं बना रहा है। इससे पहले जिन लोगों के पास शस्त्र लाइसेंस थे और उन्होंने बिल नहीं भरा तो उनके लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश जारी किए गए थे। बिजली विभाग को कुछ हद तक इसमें सफलता भी हासिल हुई थी और लगभग 450 शास्त्रधारियों से एक करोड़ की राशि के बिल जमा भी हो गए थे। अभी लगभग 350 उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके पास बिजली विभाग का ढाई करोड रुपए बकाया है, उनसे लगातार रिकवरी कराई जा रही है।
ग्वालियर नगर निगम पर है 27 करोड़ रुपए बकाया
इस पूरे मामले में सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि बड़े अमाउंट के बिल कई सरकारी विभागों के पास हैं जिसे रिकवरी करवा पाना मुश्किल नजर आ रहा है। बकायेदारों की सूची में ग्वालियर नगर निगम (Gwalior Nagar Nigam) सबसे ऊपर है जिस पर 27 करोड़ के बिल बकाया है। बिजली विभाग के अधिकारी भी नगर निगम को कई बार बकाया राशि जमा करने के लिए कह चुके हैं बावजूद इसके नगर निगम यह राशि जमा नहीं करा पा रहा है।
अब तहसीलदार स्तर के अधिकारी करवाएंगे बिल जमा
बताया जा रहा है कि कलेक्टर के निर्देश पर बिजली बिल के बकायादारों से रिकवरी करवाने की जिम्मेदारी अब राजस्व अधिकारियों को दी गई है। तहसीलदार स्तर के अधिकारी अब बिल जमा करवाने का काम करेंगे। सूत्रों से पता चला है कि ग्वालियर नगर निगम के आर्थिक हालात इस समय ठीक नहीं है। राजस्व वसूली के सोर्स भी नगर निगम (Gwalior Nagar Nigam) के पास ज्यादा नहीं है। ऐसे में बिजली विभाग के लिए नगर निगम से 27 करोड रुपए वसूलना टेढ़ी की नजर आ रहा है।
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