Gwalior Smart City: स्मार्ट सिटी के नाम पर घटिया निर्माण, करोड़ों रूपए घोटाले की ईडी करेगी जांच!
Gwalior Smart City: ग्वालियर। स्मार्ट सिटी पहले से ही अपने विकास कार्यों को लेकर विवादों में रही है। शहर को सुंदर बनाने के लिए स्मार्ट सिटी ने लगभग 1,000 करोड़ रुपए खर्च कर दिया। बावजूद इसके शहर की तस्वीर जस की तस है और यही वजह है की स्मार्ट सिटी पर तमाम भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे हैं।
इसी को लेकर आज नगर निगम परिषद की बैठक में बड़ा फैसला हुआ है। यहां स्मार्ट सिटी के विकास कार्यों की जांच ईडी से कराई जाएगी। इसको लेकर परिषद में प्रस्ताव पास हो गया है। बैठक में बीजेपी और कांग्रेस के सभी पार्षदों की सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास हुआ है।
विकास कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप
आपको बता दें कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी पिछले 9 सालों से शहर को सुंदर बनाने के लिए 1,000 करोड़ रूपए पानी की तरह बहा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि स्मार्ट सिटी ने जहां-जहां शहर में विकास कार्य किए हैं, वहां पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे हैं। स्मार्ट सिटी की कई योजनाएं ऐसी हैं, जो शुरू होने से ही पहले बंद हो चुकी है और जिन पर करोड़ों रुपए पानी की तरह बह गया। इसके अलावा कई विकास कार्य ऐसे हैं जो अभी भी अधर में लटके हुए हैं। कई विकास कार्य आज तक अमल नहीं हो पाया है। यही वजह है की स्मार्ट सिटी में कई सीईओ और उन पर हमेशा से भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे।
घटिया क्वालिटी से लोग परेशान
स्मार्ट सिटी के विकास कार्यों को लेकर विपक्ष लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगाती रही है। क्योंकि स्मार्ट सिटी के द्वारा तमाम ऐसी बड़ी प्रोजेक्ट हैं, जिनका विकास कार्य हुआ लेकिन घटिया क्वालिटी के वजह से यह भ्रष्टाचार के शिकार हो गए। लगातार भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरी स्मार्ट सिटी को लेकर आज नगर निगम परिषद की बैठक हुई।
इसमें जमकर हंगामा हुआ साथ ही स्मार्ट सिटी के विकास कार्यों को लेकर तमाम सवाल खड़े हुए। इसके बाद बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय हुआ कि स्मार्ट सिटी के विकास कार्य की जांच पीढ़ी से कराई जाएगी। इसको लेकर प्रस्ताव पास हो गया। अगर स्मार्ट सिटी के विकास कार्यों की जांच ED से कराई गई तो यहां सबसे बड़ा भ्रष्टाचार बाहर निकाल कर सामने आएगा।
कांग्रेस ने किया कार्यालय का घेराव
वही, आज स्मार्ट सिटी के विकास कार्य को लेकर कांग्रेस ने भी स्मार्ट सिटी कार्यालय का घेराव किया। सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता और नेता स्मार्ट सिटी के दफ्तर पहुंचे। यहां उन्होंने जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शहर के विकास कार्य में हो रही भ्रष्टाचार के अलावा शहर की स्ट्रीट लाइट पूरी तरह से बंद पड़ी है। इसमें करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार है। इसके साथ ही शहर में अंधेरा होने के कारण लूट और चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं लेकिन स्मार्ट सिटी सिर्फ आश्वासन देने में लगी है।
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