Jabalpur News: थाना परिसर में मंदिर निर्माण पर हाई कोर्ट की रोक, आदेश के उल्लंघन पर इन्हें किया नोटिस जारी

Jabalpur News: जबलपुर। मध्य प्रदेश की माननीय हाई कोर्ट की जबलपुर प्रिंसिपल पीठ ने पुलिस थाना परिसर की सरकारी जमीन पर मंदिरों के निर्माण पर रोक लगा दी।
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Jabalpur News: जबलपुर। मध्य प्रदेश की माननीय हाई कोर्ट की जबलपुर प्रिंसिपल पीठ ने पुलिस थाना परिसर की सरकारी जमीन पर मंदिरों के निर्माण पर तत्काल रोक लगा दी। इतना ही नहीं माननीय हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि थानों के अंदर मंदिर निर्माण किसके आदेश पर किए जा रहे हैं। मुख्य सचिव अनुराग जैन और डीजीपी सुधीर सक्सेना को नोटिस जारी कर हाई कोर्ट ने जवाब तलब किया। गृह विभाग और नगरीय प्रशासन विभाग को भी हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर मंदिर निर्माण संबंधित जानकारी मांगी।

थानों में मंदिरों के निर्माण पर रोक

माननीय हाई कोर्ट की जबलपुर प्रिंसिपल पीठ में जबलपुर सहित प्रदेशभर के पुलिस थानों, सरकारी परिसर में मंदिर सहित धार्मिक स्थलों के निर्माण पर आपत्ति जताते हुए एक जनहित याचिका दायर की गई है। जबलपुर के रहने वाले ओ.पी.यादव की ओर से हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की गई। याचिकाकर्ता की ओर से हाई कोर्ट को अवगत कराया गया कि थानों में थानेदार धार्मिक स्थल बनवा रहे हैं, जो कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन है।

साल 2003 में सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट आदेश दे चुका है कि किसी भी सार्वजनिक स्थान, खासकर सरकारी दफ्तर, सार्वजनिक रोड, चौक चौराहों पर धार्मिक स्थलों का निर्माण नहीं किया जा सकता। यदि कहीं निर्माण किया जाता है तो वह अवैध एवं अतिक्रमण की श्रेणी में माना जाएगा।

इन विभागों को नोटिस

सोमवार को माननीय हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैथ की डबल बैंच में याचिकाकर्ता ओपी यादव के वकील सतीश वर्मा ने हाई कोर्ट में फोटो, वीडियों के साथ साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए जानकारी दी कि जबलपुर शहर के सिविल लाइन, लार्डगंज, मदनमहल और विजय नगर पुलिस थाना परिसर में मंदिरों का निर्माण किया गया है या फिर निर्माण किया जा रहा है।

इससे संबंधित थानों के थाना प्रभारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। माननीय हाई कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन, डीजीपी सुधीर सक्सेना, गृह विभाग और नगरीय प्रशासन विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। माननीय हाई कोर्ट में इस याचिका पर आगामी सुनवाई 19 नवंबर की जाएगी।

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