Katni Flood News: बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा देने में मनमानी से नाराज ग्रामीणों ने की कलेक्टर से शिकायत
Katni Flood News: कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में आई बाढ़ के मुआवजे की राशि में बड़ा घपला होने की खबरें सामने आई हैं। मनमाने तरीके से मुआवजा बांटने से नाराज पीपरिया गांव के ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कलेक्ट्रेट में की है। उन्होंने कलेक्टर से तुरंत ही ग्राम पंचायत सचिव को हटाने और सर्वे के अनुसार पात्र लोगों को मुआवजा दिए जाने की मांग की।
यह है पूरा मामला
दरअसल हाल ही कटनी में आई बाढ़ के दौरान ढीमरखेड़ा का एक बड़ा हिस्सा भी बाढ़ की चपेट में आया था। बाढ़ में पिपरिया शुक्ल ग्राम पंचायत भी पूरी तरह से बाढ़ में घिर गई थी। इसमें सैकड़ों मकानों में बाढ़ का पानी घुसने से ग्रामीणों का काफी नुकसान हुआ था। जिला प्रशासन ने सरकार के निर्देश पर सर्वे कर बाढ़ पीड़ितों को मुआवजे की सुविधा राहत राशि जारी की। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने सर्वे अनुसार रिपोर्ट पर राहत मुआवजा वितरण कार्य (Katni Flood News) जनपद व ग्राम पंचायत स्तर पर बांटने की जिम्मेदारी सरपंच एवं सचिव को दी गई।
मुआवजा राशि देने के बदले मांगे गए पैसे
ग्रामीणों ने बताया कि मुआवजा राशि देने के नाम पर रुपये की मांग की गई और पैसे की वसूली की गई। यही नहीं, जिनके मकान बाढ़ के पानी से जर्जर अथवा क्षतिग्रस्त नहीं हुए, उन्हें भी पैसा बांटा गया। साथ ही मुआवजा बांटने के जिम्मेदार लोगों द्वारा अपने परिचितों को लाभ पहुंचाने का काम किया गया। पिपरिया शुक्ल के ग्रामीणों ने कटनी कलेक्टर से मिलकर उन्हें अपनी व्यथा बताई और मीडिया के सामने जिम्मेदार लोगों पर खुलकर आरोप लगाए।
जिनके मकान सही-सलामत, उन्हें मिले 50 हजार तक
बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि जिनके मकान क्षतिग्रस्त तक नहीं हुए, उन्हें 35 हजार से 50 हजार तक की सहायता राशि और हम गरीबों को नौ से ग्यारह हजार रुपये तक दिए गए। एक बालिका ने बताया कि हमसे 5 हजार रुपये लेकर हमारे खाते में 35 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। इस तरह पैसे लेकर ज्यादा राशि बाढ़ पीड़ितों को देने का काम ग्राम पंचायत सचिव अजय कोरी ने किया। कलेक्टर से शिकायत करते हुए पिपरिया शुक्ल के ग्रामीणों ने मांग करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल हटाया जाए और सर्वे अनुसार सही लोगों को मुआवजा (Katni Flood News) दिलाया जाए। ग्रामीणों ने जिन लोगों को गलत तरीके से लाभ दिया गया है, उनसे रिकवरी भी कराने की मांग की
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