MP Atithi Shikshak: अतिथि शिक्षकों पर घमासान, कमलनाथ-दिग्विजय ने बोला सरकार पर हमला तो भाजपा प्रवक्ता ने दिया यह जवाब
MP Atithi Shikshak: भोपाल। प्रदेश के अतिथि शिक्षक सरकार के गले की फांस बन गए हैं। पहले स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप के बयान से हंगामा हुआ और अतिथि शिक्षकों ने मंत्री से माफी मंगवाने का दवाब बनाया। इसके बाद 2 अक्टूबर को अतिथि शिक्षकों ने अंबेडकर मैदान में खूब हंगामा किया। अतिथि शिक्षकों को रोकने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा। अब इस मामले में कांग्रेस ने भी सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है।
दिग्विजय सिंह ने जलियावाला बाग कांड से की तुलना
अतिथि शिक्षकों (MP Atithi Shikshak) पर हुए लाठीचार्ज को भुनाने के लिए कांग्रेस सियासी संग्राम में कूद गई है। मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की तुलना जलिया वाला बाग कांड से कर दी। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी लाठीचार्ज की जांच हाई कोर्ट की निगरानी में करवाने की मांग की है। दोनों नेताओं ने इस संबंध में डॉ. मोहन यादव सरकार पर हमला बोलते हुए सरकार में शामिल भाजपा नेताओं से भी प्रश्न पूछे। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मामा जी आप के वादों का क्या हुआ? शिवराज सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया आप कब इनके लिए सड़क पर उतरेंगे?”
कांग्रेस ने बताया शर्मनाक घटना
उन्होंने लिखा कि अतिथि शिक्षकों को जब लाठियां मारी गईं, तब वह सुंदर काण्ड का पाठ कर रहे थे। इससे पहले बैनर भी लगाया गया कि गोली भी मारी जा सकती है। बैनर पर प्रदर्शनकारियों को दंगाई, बलवाई लिखा गया। लाठी चार्ज से पहले बिजली बंद की गई, ठीक जलियांवाला बाग की तरह।कांग्रेसी नेताओं ने अतिथि शिक्षकों (MP Atithi Shikshak) पर लाठीचार्ज को शर्मनाक घटना बताया।
सोशल मीडिया पर कमलनाथ ने लाठीचार्ज को बताया अत्याचार
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर प्रदेश की मोहन यादव सरकार पर हमला बोला। उन्होंने लिखा, “भोपाल में प्रदर्शन करने आए अतिथि शिक्षकों के साथ की गई बर्बरता की जो खबरें सामने आ रही हैं, वह बहुत चौंकाने वाली हैं और यह दिखाती हैं कि प्रदेश में लोकतंत्र और मानवाधिकारों की स्थिति पूरी तरह चौपट है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले अतिथि शिक्षकों पर रात के अंधेरे में बिजली गुल करके किया गया लाठीचार्ज लोकतंत्र के माथे पर धब्बा है।”
कमलनाथ ने आगे लिखा “अतिथि शिक्षकों के शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी डॉक्टर मोहन यादव @DrMohanYadav51 सरकार के अत्याचार की इबारत है। क्या मध्यप्रदेश में अपनी जायज मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना गुनाह हो गया है? मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि अतिथि शिक्षकों के साथ हुए अत्याचार की हाई कोर्ट की निगरानी वाली कमेटी से उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जो भी इसके लिए दोषी पाए जाते हैं, उन्हें कानून के मुताबिक सख्त सजा दी जाए।”
भाजपा प्रवक्ता ने किया पलटवार
कांग्रेसी नेताओं द्वारा राज्य सरकार पर किए गए जुबानी हमलों पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा ने कहा, “दिग्विजय सिंह जी, 12 जनवरी 1998 को जब आप मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब बैतूल के मुलताई में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे किसानों के सीने पर गोलियां दागी गई हैं जिसमें 24 किसानों की मौत हुई थी और करीब 150 किसान घायल हुए थे। इसकी तुलना किसानों ने जलियावाला बाग कांड से की थी। क्या आप भी इस गोलीकांड को जलियावाला बाग कांड की तरह ही मानते है..?”
यह भी पढ़ें: