बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत: फॉरेंसिक रिपोर्ट ने खोला राज़, कोदो में पाया गया जहरीला पदार्थ!
MP Elephant Death Reason भोपाल: मध्य प्रदेश के उमरिया में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तीन दिन में 10 हाथियों के मौत की वजह सामने आ गई है। फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार कोदो में साइक्लोपियाज़ोनिक एसिड पाया गया है, जिसे खाने से हाथियों की मौत हुई है। हाथियों की मौत की फॉरेंसिक रिपोर्ट (Bandhavgarh Tiger Reserve) सामने आने के बाद विश्व में कोदो-बाजरा की जैविक ब्रांडिंग पर खतरा मंडरा सकता है। आखिर कोदो-बाजरा खाने से हाथियों की मौत कैसे हुई आइए विस्तार से जानते हैं।
कोदो-बाजरा में साइक्लोपियाज़ोनिक एसिड के चलते हाथियों की मौत
बांधवगढ़ में हाथियों की मौत APCCF एल कृष्णमूर्ति ने बताया कि मंगलवार को मृत हाथियों के विसरा सैंपल (Elephant Death in Bandhavgarh) की रिपोर्ट केंद्र सरकार के इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, बरेली यूपी ने इसकी पुष्टि की है, नाइट्रेट-नाइट्राइट, भारी धातुओं के साथ-साथ ऑर्गेनोफॉस्फेट, ऑर्गैनोक्लोरीन, पायरेथ्राइड और कीटनाशकों के कार्बामेट समूह की उपस्थिति के लिए नकारात्मक पाई गई है।
साइक्लोपियाज़ोनिक एसिड की जांच
रिपोर्ट के मुताबिक हाथियों के विसरा में साइक्लोपियाज़ोनिक एसिड पाया जाना बताया गया है। यह भी पता चला है कि हाथियों ने बड़ी मात्रा में खराब कोदो अनाज खाए हैं। विसरा में पाए गए साइक्लोपियाज़ोनिक एसिड की विषाक्तता की जांच की जा रही है। आईवीआरआई ने अपनी रिपोर्ट (MP Elephant Death Reason) में आस-पास के क्षेत्रों में ध्यान रखने के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। इसके साथ ही ग्रामीणों में जागरूकता, खराब फसल में मवेशियों को न चराने, इस पर और अध्ययन करने जैसे बिंदु दिए गए हैं, जिसे प्रबंधन लोगों से भी पालन करा रहा है।
हाथियों की मौत पर सियासत शुरू
प्रदेश में एक साथ 10 हाथियों की मौत पर सियासत भी शुरू हो गई है। एक ओर जहां कांग्रेस ने वन मंत्री रामनिवास रावत से इस्तीफा मांगा है तो वहीं दूसरी ओर सूबे के सीएम मोहन यादव ने मामले की जांच के लिए टास्क फोर्स गठित कर दी है। इसके साथ ही बांधवगढ़ में तैनात अधिकारियों के तबादले भी किए गए हैं। बांधवगढ़ के आला अधिकारियों पर भी गाज गिरी है।
ये बने बांधवगढ़ के नए फील्ड डायरेक्टर
प्रदेश सरकार ने भारतीय वन सेवा (IFS)-2009 बैच के डॉ. अनुपम सहाय को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का नया फील्ड डायरेक्टर बनाया है। राज्य शासन एक आदेश जारी कर वन संरक्षक, शिवपुरी वन वृत्त के डॉ. अनुपम सहाय को स्थानांतरित करते हुए वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया के पद पर तत्काल प्रभाव से पदस्थ किया है।
इस घटना के बाद कोदो की अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग पर भी असर
एक ओर सरकार कोदो-बाजरा जैसे मोटे अनाज का जोर-शोर से प्रचार कर रही है और इसकी ब्रांडिंग भी की जा रही है। ऐसे समय में बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत के बाद कोदो में जैविक खाद के उपयोग के दावों पर भी सवाल भी खड़े हो गए हैं। इस घटना के बाद कोदो की अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग पर भी असर पड़ सकता है।
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