Rakshabandhan 2024: MP में धूमधाम से मनाया गया रक्षाबंधन पर्व, जेलों में बंद भाइयों को बहनों ने बांधी राखी
Rakshabandhan 2024: इंदौर। देशभर में रक्षाबंधन का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। मध्य प्रदेश में भी अलग-अलग जगहों पर बहनों ने अपने भाइयों के साथ इस पर्व को मनाया। जेलों में भी महिलाओं को अपने भाइयों से मुलाकात करने तथा उन्हें राखी बांधने के लिए विशेष छूट दी गई। सुबह से ही बड़ी संख्या में जेल के बाहर महिलाओं की भीड़ लगी रही और एक-एक कर जेल के अंदर जाकर महिलाएं अपने कैदी भाइयों को राखी (Rakshabandhan 2024) बांधी।
सुबह 10 बजे से 4 बजे तक कैदियों को मिली मुलाकात की परमिशन
हर साल की तरह इस साल भी इंदौर की सेंट्रल जेल में राखी के त्योहार पर जेल के अंदर बंद कैदियों के साथ ही उनके परिजनों से मुलाकात को लेकर राहत प्रदान की गई है। इसलिए राखी जैसे त्योहार पर सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक कैदियों से मुलाकात की परमिशन उनके परिजनों को मिली हुई है। साथ ही इस दौरान जेल परिसर के अंदर जाकर महिलाएं अपने कैदी भाईयों के हाथों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी आयु की कामना कर रही है। साथ ही मिठाई खिलाकर उनका मुंह भी मिठा कर रही हैं।
रक्षाबंधन त्योहार के चलते जेल प्रबंधन महिलाओं को अलग-अलग तरह की व्यवस्था उपलब्ध करवा रहा है। महिलाएं भी अपने जेल के अंदर बंद भाइयों के लिए राखी, मिठाई व अन्य फल लेकर आ रही हैं और जो बहनें राखी, फल और मिठाई लेकर नहीं आ रही हैं, उन्हें सेंट्रल जेल प्रबंधन के द्वारा सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही हैं और राखी का त्यौहार मनवाया जा रहा है।
कैदी भाईयों को बहनों से मिलाने के लिए जेल प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
गौरतलब है कि इंदौर की सेंट्रल जेल में तकरीबन 2500 से अधिक कैदी बंद हैं। इन कैदियों से मुलाकात को लेकर सेंट्रल जेल प्रबंधन ने पुख्ता व्यवस्था की है। हर कैदी से मुलाकात के लिए बहनों को कुछ मिनटों का समय दिया जा रहा है। इस दौरान महिलाएं जहां अपने भाइयों को राखी (Rakshabandhan 2024) बांधकर उनसे सुख-दुख बांट रही हैं तो वही भाई भी जल्द घर आने का आश्वासन बहनों को दे रहे हैं। इस दौरान सेंट्रल जेल अधीक्षक ने भी कैदियों को राखी बांधकर उन्हें अपराध नहीं करने की सीख दी।
ग्वालियर सेंट्रल जेल में भी बहनों ने बांधी भाईयों की सूनी कलाई पर राखी
यहां ग्वालियर सेंट्रल जेल में रक्षाबंधन के मौके पर भाईयों से मुलाकात करने पहुंची बहनों ने भाई की सूनी कलाई पर राखी बांधी। रक्षाबंधन को लेकर पुलिस और जेल प्रशासन ने सुरक्षा के समुचित इंतजाम किए हुए हैं। वहीं लाइन में इंतजार कर रही महिलाओं को पीने के पानी की व्यवस्था भी कराईं गई। जेल रोड पर बैरिकेडिंग कर आने-जाने वाले वाहनों को रोकने के अलावा पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
रक्षा बंधन पर सेंट्रल जेल ग्वालियर में बंद कैदियों से मिलने के लिए सुबह से ही जेल के बाहर लंबी-लंबी लाइन लगी हुई है। जेल प्रबंधन ने उचित व्यवस्था की थी। जेल के अंदर केवल राखी ले जाने की अनुमति थी और मिठाई जेल की कैंटीन से खरीदने की अनुमति दी गई थी। जेल अधीक्षक, सेंट्रल जेल ग्वालियर विदित सरवैया ने बताया रक्षाबंधन पहले भी खुले में मनाया गया है। ग्वालियर केंद्रीय जेल में वर्तमान में 3200 कैदी हैं। यहां करीब 10 हज़ार महिलाओं ने राखी बांधी। सुरक्षा की दृष्टि से जेल स्टाफ के अलावा बाहर से भी फोर्स बुलाया था और सीसीटीवी से भी निगरानी रखी गई।
मंडला में पीएचई मंत्री ने बांधी कैदियों को राखी
मंडला जिले में भी रक्षाबंधन पर्व हर्षोल्लाष से मनाया जा रहा है। आज बहनें अपने भाई को राखी बांधने दूर-दूर से पहुंच रही हैं। जेल में बंद कैदियों की बहनें भी अपने भाइयों को राखी बांधने जेल पहुंच रही हैं। सुबह से ही जिले भर से बहनें जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए मुख्य गेट पर पहुंची, जहां बहनों की लंबी कतार देखने को मिली। जेल प्रशासन ने भी मुख्य गेट से लेकर कारागार तक राखी बांधने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
जेल प्रशासन ने जेल में ही राखी और मिठाई की व्यवस्था करते हुए बाहर से किसी भी सामान को जेल परिसर में ले जाने पर पाबंदी लगाई है। बहनों ने जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर लंबी उम्र की कामना की और भाइयों से दोबारा बुराई के रास्ते पर नहीं चलने का संकल्प लिया। मंडला जेल अधीक्षक संजय सहलाम ने बताया कि प्रदेश शासन से जेल में बंद कैदियों को प्रत्यक्ष रूप से राखी बंधवाये जाने के निर्देश प्राप्त हुए थे। उनके परिपालन में आज बहनों को अंदर ले जाकर राखी बंधवाई जा रही है।
प्रदेश सरकार में पीएचई मंत्री संपतिया उइके भी भाजपा महिला मोर्चा की महिलाओं के साथ जेल में बंद कैदियों को राखी बांधने पहुंची। उन्होंने कहा कि जिन कैदियों से उनके परिजन मिलने नहीं आते हैं ऐसे करीब 13-14 चिन्हिंत कैदियों को हमने राखी बांधी और उन्हें संकल्प दिलाया कि बाहर जाने के बाद अब ऐसी कोई घटना की पुनरावृत्ति नहीं करेंगे कि जेल आना पड़े।
विदिशा जिला जेल में भी हुआ भाई-बहनों का मिलन
रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर विदिशा की जिला जेल में भी राखी बांधने के लिए व्यवस्था की गई। यहां पर बहनों ने अपने उन भाइयों को राखी बंधी, जो जेल में बंद हैं। साथ ही ऐसी बहनें, जो किसी कारणवश जेल में बंद हैं, उनके भाई भी राखी बंधवाने के लिए जिला जेल पहुंचे। जेल अधकारी ने कहा कि मध्य प्रदेश शासन के आदेशानुसार आज विदिशा जिला जेल में राखी बंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बाहर से आने वाले सभी भाई-बहनों को पीने के पानी और बैठने की व्यवस्था की गई है।
दमोह में बहनों ने दिलाया भाईयों को अपराध न करने का संकल्प
राखी के पावन पर्व पर आज दमोह जिला जेल में बंद भाइयों की कलाई पर बहिनों ने राखी बांधी। भाइयों को राखी बांधते समय बहनों की आंखों में आंसू थे। इसी तरह जब जेल में बंद पिता ने लंबे समय बाद अपने बच्चों को देखा तो उनकी भी आंखों से आंसू छलक आए, जिससे उन्हें एहसास हुआ कि परिवार का महत्व क्या होता है। इस दौरान भाइयों को देखते ही बहनों की आंखों से आंसू बहने लगे। बहनों ने भाइयों को गले लगाकर वादा लिया कि वे भविष्य में ऐसा कोई काम नहीं करेंगे कि उन्हें राखी बांधने जेल आना पड़े। वहीं जब इन भाइयों ने अपने बच्चों को देखा तो उन्हें सीने से लगा लिया और दुलार किया। बड़ों के प्यार को देख बच्चे भी पिता के सीने से लिपट गए।
सोमवार को रक्षाबंधन पर्व मनाने के लिए जिला जेल दमोह और उपजेल हटा में जेल प्रशासन ने आवश्यक व्यवस्थाएं की थीं। सुबह आठ बजे से मुलाकात का क्रम शुरू होना था, लेकिन व्यवस्थाओं में समय लगने के कारण बहनें साढ़े नौ बजे से भाइयों को राखी बांधने पहुंची। जेल अधीक्षक सीएल प्रजापति ने बताया कि कैदी भाइयों की बहनों को जेल में प्रवेश के लिए अनुमति दी गई है। महिलाएं अंदर जाकर विचाराधीन और सजा काट रहे कैदियों से मुलाकात कर एक रुमाल, राखी, ढाई सौ ग्राम मिठाई और कुमकुम लगाकर रक्षाबंधन का पर्व मना रही हैं। राखी बांधने के लिए सुबह साढ़े नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक का समय दिया गया है।
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